राशन की दुकानों पर फिर से मिलेगा मिट्टी का तेल, जानें किन राज्यों को मिली मंजूरी Kerosene Oil Ration News 2026

Kerosene Oil Ration News 2026 – अप्रैल 2026 की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने हालात और भी ज्यादा गंभीर बना दिए हैं। इसी बीच भारत सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब एक बार फिर राशन की दुकानों पर मिट्टी का तेल यानी केरोसीन मिलने वाला है, जो खासकर ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।

दरअसल, 30 मार्च को सरकार ने ऐलान किया कि देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरोसीन की सप्लाई दोबारा शुरू की जाएगी। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि ग्लोबल लेवल पर एलपीजी और अन्य ईंधनों की सप्लाई में आई दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार चाहती है कि किसी भी हालत में आम जनता को खाना बनाने और रोशनी जैसी बेसिक जरूरतों के लिए परेशानी न हो।

किन राज्यों को मिली मंजूरी और क्यों है यह फैसला खास

अगर बात करें उन राज्यों की जहां यह सुविधा शुरू की जा रही है, तो इसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, सिक्किम और नागालैंड जैसे राज्य शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

यह फैसला इसलिए खास है क्योंकि पिछले कुछ सालों में सरकार धीरे-धीरे केरोसीन की सप्लाई कम करती जा रही थी और कई जगहों पर इसे पूरी तरह बंद भी कर दिया गया था। उस समय फोकस एलपीजी और क्लीन फ्यूल पर था, लेकिन अब जब इंटरनेशनल मार्केट में अस्थिरता आई है, तो सरकार ने फिर से केरोसीन को एक बैकअप ऑप्शन के रूप में शुरू करने का फैसला लिया है।

कब तक मिलेगा केरोसीन और कैसे होगा वितरण

सरकार ने इस योजना को फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू किया है, जो 29 मार्च से शुरू हो चुकी है। इसका मतलब है कि अगले दो महीनों तक राशन की दुकानों पर लोगों को सस्ते दामों पर केरोसीन मिल सकेगा। इसके साथ ही हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को भी केरोसीन बेचने की अनुमति दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को आसानी से यह उपलब्ध हो सके।

पेट्रोल पंपों के लिए भी कुछ लिमिट तय की गई है। वहां अधिकतम 5000 लीटर तक ही केरोसीन स्टॉक रखने की अनुमति होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सप्लाई कंट्रोल में रहे और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याएं पैदा न हों।

प्रति परिवार कितना मिलेगा और कैसे तय होगा कोटा

सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर एक परिवार को कितना केरोसीन मिलेगा। तो इसका जवाब थोड़ा अलग-अलग हो सकता है क्योंकि सरकार ने इसका फाइनल फैसला राज्यों पर छोड़ दिया है। हर राज्य अपनी लोकल डिमांड और स्टॉक के हिसाब से तय करेगा कि एक राशन कार्ड पर कितना केरोसीन दिया जाएगा।

हालांकि केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त सपोर्ट देने के लिए 48000 किलोलीटर सुपीरियर केरोसीन ऑयल यानी SKO का अतिरिक्त आवंटन किया है। इसका मतलब है कि राज्यों के पास सप्लाई की कमी नहीं होगी और वे जरूरत के हिसाब से वितरण कर सकेंगे।

केरोसीन के इस्तेमाल को लेकर सरकार के सख्त नियम

सरकार ने केरोसीन की वापसी के साथ कुछ सख्त नियम भी लागू किए हैं ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो। साफ तौर पर कहा गया है कि इसका उपयोग सिर्फ खाना बनाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकता है। इसे किसी भी तरह के औद्योगिक या कमर्शियल कामों में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि केरोसीन की सप्लाई का सही उपयोग हो और यह उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी वास्तव में जरूरत है। पहले भी कई बार देखा गया है कि सस्ते केरोसीन का गलत तरीके से उपयोग किया जाता था, जिसे रोकने के लिए अब निगरानी और सख्त की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य और आगे की रणनीति

पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि सरकार इस समय पूरी तरह सतर्क है और एनर्जी सप्लाई को लेकर हर जरूरी कदम उठा रही है। यह फैसला एक तरह से प्रीवेंटिव स्टेप है ताकि अगर भविष्य में एलपीजी या अन्य ईंधनों की सप्लाई में और ज्यादा दिक्कत आती है, तो आम लोगों को परेशानी न हो।

सरकार की कोशिश यही है कि देश में ऊर्जा की उपलब्धता बनी रहे और किसी भी नागरिक को बेसिक जरूरतों के लिए संघर्ष न करना पड़े। आने वाले समय में हालात के अनुसार इस योजना को आगे बढ़ाया भी जा सकता है या फिर इसमें बदलाव भी किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर देखा जाए तो राशन की दुकानों पर केरोसीन की वापसी एक बड़ा और जरूरी कदम है, खासकर ऐसे समय में जब ग्लोबल स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे। हालांकि इसका सही उपयोग और सरकारी नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि यह सुविधा लंबे समय तक जारी रह सके।

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। कृपया किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित राज्य सरकार या आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि जरूर करें, क्योंकि नियम और शर्तें समय के अनुसार बदल सकती हैं।

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