Rain Alert – देश में इस अप्रैल की शुरुआत में मौसम ने अचानक ही अपनी गतिविधियाँ बढ़ा दी हैं। 2 से 9 अप्रैल तक कई हिस्सों में प्री-मानसून मौसम काफी एक्टिव रहेगा। इसका मतलब यह है कि देशभर में बारिश, तेज आँधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। इन बदलावों की वजह से अप्रैल के पहले पखवाड़े में गर्मी का असर भी थोड़ा कम दिखाई देगा। अगर आप उत्तर, मध्य या पूर्वी भारत में रहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है।
प्री-मानसून मौसम की यह गतिविधियाँ हर जगह एक साथ नहीं होंगी। ये उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बीच घूमती रहेंगी। यानी कुछ दिन उत्तर भारत में बारिश होगी और कुछ दिन बाद यह एक्टिविटी मध्य या पूर्वी हिस्सों में महसूस होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस लंबे मौसम के बदलाव के कारण अप्रैल के पहले हफ्ते में हीटवेव जैसी स्थिति नहीं बनेगी और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
प्री-मानसून गतिविधियाँ, सैटेलाइट इमेज
प्री-मानसून मौसम की गतिविधियों को सैटेलाइट इमेज में भी देखा जा सकता है। इन इमेजेज़ से साफ दिख रहा है कि कई सिस्टम और बादलों की लंबी पट्टियाँ पूरे देश में सक्रिय हैं। दो पश्चिमी विक्षोभ 2 से 8 अप्रैल के बीच उत्तर भारत से गुजरेंगे। ये सिस्टम मैदानों तक पहुँचकर पूरे इंडो-गंगेटिक क्षेत्र को प्रभावित करेंगे। वहीं, उत्तर अफगानिस्तान से लेकर उत्तर-पूर्व अरब सागर तक फैली बादलों की लंबी पट्टी भी इन गतिविधियों को और बढ़ा रही है।
इस दौरान मौसम में बदलाव के कारण कहीं तेज बारिश होगी, तो कहीं गरज-चमक और ओलावृष्टि का खतरा भी रहेगा। किसान और आम लोग इन गतिविधियों पर नजर रखे, क्योंकि फसलों और जनजीवन पर इसका असर पड़ सकता है।
उत्तर भारत में दो चरणों में बारिश और आँधी
उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में 3 से 5 अप्रैल और फिर 7-8 अप्रैल के बीच दो चरणों में मौसम एक्टिव रहेगा। पहले चरण में पंजाब, हरियाणा, उत्तर व मध्य राजस्थान, दिल्ली और उत्तर मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश और गरज-चमक हो सकती है। 5 अप्रैल को यह एक्टिविटी थोड़ी कम हो जाएगी और सिर्फ पंजाब-हरियाणा के उत्तरी हिस्सों और दिल्ली के बाहरी इलाकों तक सीमित रह जाएगी।
फिर 7 और 8 अप्रैल को मौसम दोबारा सक्रिय होगा और राजस्थान के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों तक फैल सकता है। इन दिनों कई जगहों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। यह ध्यान देने वाली बात है कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य और पूर्वी भारत में बढ़ेगी गतिविधि
मध्य और पूर्वी भारत में भी मौसम 6 से 8 अप्रैल के बीच एक्टिव रहेगा। इसमें पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। खासकर 6 और 7 अप्रैल को उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में तेज आँधी और ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान लोगों को सावधान रहना चाहिए और अपने सुरक्षा इंतजाम पहले से कर लेने चाहिए।
पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत का हाल
पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल में 7 से 9 अप्रैल के बीच बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मेघालय और त्रिपुरा में 10-11 अप्रैल तक भी तेज बारिश जारी रह सकती है। महाराष्ट्र में 2 से 5 अप्रैल के बीच अंदरूनी हिस्सों खासकर विदर्भ और मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मुंबई में हल्की बारिश का अनुमान है। वहीं, गुजरात और कर्नाटक में 3 अप्रैल के बाद मौसम ज्यादातर साफ रहेगा।
दक्षिण भारत में असर, 9 अप्रैल के बाद राहत
दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी 6 से 8 अप्रैल के बीच प्री-मानसून बारिश हो सकती है। इसमें दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं। हालांकि, 9-10 अप्रैल तक यह गतिविधि धीरे-धीरे कम हो जाएगी। लेकिन केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में बारिश का सिलसिला कुछ दिन और जारी रह सकता है। कुल मिलाकर, 9 अप्रैल के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा। सिर्फ पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में हल्की गतिविधियाँ रह सकती हैं। इस पूरे दौर में अप्रैल के पहले आधे हिस्से में हीटवेव का असर नहीं दिखेगा, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
इस प्री-मानसून गतिविधि के दौरान लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। तेज बारिश, ओलावृष्टि और आँधी के समय बाहर जाने से बचें और अपने जरूरी सामान को सुरक्षित रखें। किसानों को भी अपने फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
Disclaimer
यह जानकारी मौसम विभाग और विशेषज्ञों के आंकड़ों पर आधारित है। मौसम हमेशा बदलता रहता है, इसलिए वास्तविक स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। यात्रा या फसल सुरक्षा के लिए हमेशा स्थानीय मौसम चेतावनी और अपडेट पर ध्यान दें।
